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छोटे बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को हिचकियां जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आती हैं और बार-बार हिचकी आने की वजह से बचà¥â€à¤šà¥‡ को परेशानी à¤à¥€ होती है। बचà¥â€à¤šà¥‡ को परेशानी में देखकर अकà¥â€à¤¸à¤° मांà¤à¤‚ à¤à¥€ दà¥à¤–ी हो जाती हैं और हिचकी को दूर करने के तरीकों के बारेमें सोचने लगती हैं।
हालांकि, आपको हिचकी दूर करने के उपायों के बारे में जानने से पहले इसके कारण के बारे में जान लेना चाहिà¤à¥¤ इससे आप आसानी से बचà¥â€à¤šà¥‡ को आ रही हिचकियां बंद कर सकती हैं।
शिशॠको हिचकी आने का कारण:
शिशॠमां के पेट में ही हिचकियां लेना शà¥à¤°à¥‚ कर देते हैं और इसकी शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚सी की दूसरी तिमाही से। जनà¥â€à¤® के बाद शिशॠको हिचकी आने के हो सकते हैं :
इसमें पेट में मौजूद खाना वापस à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली में चला जाता है। शिशॠका रिफकà¥â€à¤¸ पूरी तरह से विकसित नहीं हà¥à¤† होता है। खाने के वापस à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली में जाने और नसों की कोशिकाओं में à¤à¤¸à¤¿à¤¡ टà¥à¤°à¤¿à¤—र करने पर डायफà¥à¤°à¤¾à¤® में दिकà¥â€à¤•त होने लगती है जिससे हिचकियां शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं।
मां का दूध या बोतल से à¤à¥€ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दूध पीने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ का पेट फूल सकता है। पेट के अचानक फूलने पर डायफà¥à¤°à¤¾à¤® खिंच जाता है जिससे à¤à¤‚ठन शà¥à¤°à¥‚ होती है। इससे बचà¥â€à¤šà¥‡ को हिचकियां आती हैं।
​à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ और असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ à¤à¥€ हैं कारण
बचà¥â€à¤šà¥‡ को फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• या बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• में मौजूद किसी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की वजह से à¤à¥‹à¤œà¤¨ नली में सूजन आ सकती है। इसमें डायफà¥à¤°à¤¾à¤® में दिकà¥â€à¤•त होती है जिससे हिचकियां आने लगती हैं।
इसके अलावा असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ में फेफड़ों की बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइल टà¥à¤¯à¥‚बों में सूजन आती है जिससे फेफड़ों तक हवा नहीं पहà¥à¤‚च पाती है। इससे सांस लेने में दिकà¥â€à¤•त होती है और घरघराहट रहती है। इसकी वजह से डायफà¥à¤°à¤¾à¤® में à¤à¤‚ठन उठती है और हिचकियां शà¥à¤°à¥‚ हो जाती हैं।
हिचकियां रोकने के तरीके:
शिशॠको हिचकियां आना शà¥à¤°à¥‚ होने पर आप कà¥à¤› घरेलू नà¥à¤¸à¥â€à¤–ों की मदद से इसे रोक सकती हैं :
अगर बचà¥â€à¤šà¥‡ ने ठोस आहार खाना शà¥à¤°à¥‚ कर दिया है जो उसकी जीठपर थोड़ी-सी चीनी रख दें। अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ छोटा है तो उसके पैसिफायर में ताजा शà¥à¤—र सिरप रखकर मà¥à¤‚ह में डाल दें।
हिचकियां आने पर शिशॠको अपनी गोद में उलà¥â€à¤Ÿà¤¾ लिटाà¤à¤‚ या कंधे पर रखें और उसकी पीठको सरà¥à¤•à¥à¤²à¤° मोशन में मलें।
हर बार दूध पिलाने के बाद बचà¥â€à¤šà¥‡ को कंधे पर रखकर डकार जरूर दिलवाà¤à¤‚। इससे डायफà¥à¤°à¤¾à¤® सही पोजीशन में रहता है। आप डकार दिलवाने के लिठउसकी पीछ को à¤à¥€ थपथपा सकती हैं।
शिशॠकी हिचकियां रोकने के लिठआप गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर का à¤à¥€ इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं। साफ पीने के पानी में गà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर मिलाकर दें।
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